सुखमय जीवन के लिए धन परम आवश्यक नहीं। अत: हर एक व्यक्ति धन-संपन्न होने का प्रयत्न करता है। परन्तु यह भी सत्य है कि बहग्य से अधिक और समय से पहले व्यक्ति को जीवन में कुछ भी प्राप्त नहीं होता। प्रारब्ध (भाग्य) के अनुरूप धन प्राप्ति तथा अनुकूल समय के बारे में
फ्यूचर समाचार | 01-Jan-2014
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भविष्य जानने के लिए अंकों का अपना महत्व है। अंक ज्योतिष में मुख्यत: ३ तरह के अंक माने जाते है। १नामांक २ मूलांक ३ भाग्यांक. अंक ज्योतिष द्वारा लाभ उठाने के लिए इन अंकों का उपयोग लोकप्रिय है। उदाहरण के लिए यदि नामांक
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‘प्रत्येक क्रिया की एक समान एवं विपरीत प्रतिक्रिया होती है।’ न्यूटन की इसी सर्वकालिक अवधारणा से कर्म का सिद्धांत भी ओत-प्रोत है। हमारे हर कृत्य एवं हर सोच से कारण अथवा हेतु का निर्माण होता है और कुछ समय उपरांत उस कारण अथवा हेतु के परिणाम का प्रकटीकरण होता है। कारण एवं फल के इसी चक्रीय सिद्धांत से संसार एवं जन्म तथा पुनर्जन्म की अवधारणा अस्तित्व में आई। मनुष्य अथवा जीवात्मा ही हेतु है जिसके सकारात्मक अथवा नकारात्मक कृत्यों से कर्म की अवधारणा प्रस्फुटित होती है। इस लेख में हम कर्म के इसी अवधारणा को समझने का प्रयास पाइथागोरियन अंक ज्योतिष के माध्यम से करेंगे।
मनोज कुमार | 15-Jul-2015
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अंक विज्ञान ज्योतिष की ही एक शाखा है। क्योंकि प्रत्येक अंक किसी न किसी ग्रह से अभिभूत होता है। बड़े फिल्मी सितारे और सफलतम हस्तियां भी अंक विज्ञान के प्रभाव से अछूती नहीं है। ज्योतिष एवं अंक शास्त्र को संयुक्त कर किस तरह से लाभ प्राप्त किया जा सकता है इसका उल्लेख यहां पर प्रस्तुत है।
विनय गर्ग | 01-Jan-2014
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आधुनिक काल में एवं हमारी रोजमर्रा की जिंदगी में वाहन का कितना महत्व है ये तो हम सभी अच्छी तरह से जानते हैं। जिस दिन हम पैदा होते हैं हम अपने भाग्य के अंक के साथ जुड़ जाते हैं। समझ लीजिए हमारे भाग्य का खाता उस दिन से खुल जाता है।
फ्यूचर पाॅइन्ट | 15-Jul-2015
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आज के इस आधुनिक युग में लगभग हर व्यक्ति मोबाईल, गाड़ी का प्रयोग कर रहा है। मोबाईल और गाड़ी के नंबर में यदि हम अंक शास्त्र के सिद्धांत का उपयोग करें और उन नंबरों का चयन अपने मूलांक के अनुरूप करें तो यह स्थिति व्यक्ति के लिए लाभकारी हो सकती है। इस लेख में पढ़िए कैसे मोबाईल एवं गाड़ी के लिए शुभ एवं लाभकारी नंबर का चयन करें...
संजय बुद्धिराजा | 15-Jul-2015
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जन्मतिथि के अनुसार उपर्युक्त अंक यदि विशिष्ट अंक के रूप में प्रकट होते हैं तो ये कार्मिक ऋण प्रदर्शित करते है तथा इन्हें कार्मिक अंकों की संज्ञा दी जाती हैं। इन अंकों का हमारे जीवन पर बहुत गहरा प्रभाव होता हैं।
मनोज कुमार | 01-Jan-2014
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आकाश में नौ ग्रहों के मध्य ही विश्व का समस्त रहस्य छिपा हुआ है। मानव स्वभाव एवं व्यवहार को इन्हीं नौ ग्रहों ने प्रभावित कर रखा है। प्रत्येक व्यक्ति किसी न किसी ग्रह में उत्पन्न होता है और उससे प्रभावित रहता है। मानव की इसी प्रभावित दशा का विज्ञान ही अंक विज्ञान है।’’
ओम प्रकाश दार्शनिक | 15-Jul-2015
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अंक शास्त्र के अनुसार मूलांक अर्थात 1 से लेकर 9 तक के अंक नवग्रहों के प्रतीक है। इसी प्रकार दर्शन शास्त्र ने भी अंकों के सन्दर्भ में व्याख्या की है। शिकागो के विश्वधर्म सम्मलेन में स्वामी विवेकानंद से शून्य पर बोलने को कहा गया था।
यशकरन शर्मा | 01-Jan-2014
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अंकशास्त्र का उदय भारतवर्ष में हुआ ज्योतिष जगत में अंकों का महत्व पुरातन काल से परिलक्षित होता रहा है। जो ज्योतिष के साथ अंकों के विशेष सामंजस्य को दर्शाती है।
हरिश्चंद्र प्रसाद आर्य | 01-Jan-2014
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देश के जाने माने हास्य कलाकार जसपाल भट्टी का २४ अक्तूबर की रत जालंधर के पास नकोदर क्षेत्र में शाहकोट के निकट एक सड़क हादसे में सफेद हौंडा एकोर्ड कार में आकस्मिक निधन हो गया।
मदन गुप्ता ‘सपाटू’ | 01-Jan-2014
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विवाह योग्य लड़के लड़की की जन्म तारीख के आधार पर उनका मूलांक ज्ञात कीजिए फिर उस मूलांक की किस वर्ष के मूलांक के साथ समानता है देखकर विवाह का वर्ष जाना जा सकता है।
सुनीता पवार | 01-Jan-2014
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